Digital Parents-Perfect Nahi, Present Bane | हिंदी बुक | 10 Degree Ki Digital Surang Se 180 Degree Ke Khule Aasmaan Tak Ki Parenting

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“जागरूकता ही बदलाव की पहली सीढ़ी है।“
“हम दुनिया की हर चीज़ बदल सकते हैं, लेकिन अपने अंदर झांककर अपनी ही कमियों को स्वीकार करना दुनिया का सबसे मुश्किल काम है।“
हर बच्चा अपनी मेहनत से महल तो खड़ा कर लेगा, लेकिन अगर वह मानसिक रूप से मज़बूत नहीं है, तो यह लालची दुनिया उस महल पर कब्ज़ा कर लेगी। इसलिए सिर्फ काबिल बनाना ही काफी नहीं है, बच्चे को मजबूत बनाना भी ज़रूरी है।
इस किताब को लिखने का मेरा मकसद आपको कोई उपदेश (लेक्चर) देना नहीं है, बल्कि उस चुनौती को समझना और सुलझाना है जिससे आज हम सभी जूझ रहे हैं। आज हमारे पास दुनिया भर की जानकारी तो है, लेकिन एक-दूसरे के लिए “धैर्य और वक्त” कम होता जा रहा है। आइए अपना नज़रिया बदलें ताकि बच्चों का भविष्य बदल सके— “10 डिग्री की संकरी सुरंग से निकलकर 180 डिग्री के ब्रॉड विज़न की ओर कदम बढ़ाएं।”
आपका बच्चा आपकी डिग्रियों या बैंक बैलेंस से बड़ा इंसान नहीं बनेगा, बल्कि वह आपको देखकर सीखेगा कि मुश्किल वक्त में शांत कैसे रहा जाता है और अपनों से प्यार कैसे किया जाता है। वह शायद आपके कहे शब्द भूल जाए, लेकिन वह “एहसास” कभी नहीं भूलेगा कि आपने उसे कितना खास महसूस कराया।
एक शिक्षक के रूप में, बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए काम करना मेरा कर्तव्य है। मेरी कोशिश जारी रहेगी… लेकिन अब, असली बदलाव लाने की बारी आपकी है।
संदीप विद्यार्थी एक शिक्षक, लेखक और दैनिक स्कूल के संस्थापक हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अपने गहरे अनुभव के आधार पर, वे आधुनिक पेरेंटिंग की चुनौतियों को करीब से समझते हैं। उनका उद्देश्य माता-पिता और बच्चों के बीच उस टूटते हुए पुल को फिर से बनाना है, जिसे डिजिटल दुनिया ने कमज़ोर कर दिया है।

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