गाँव की मिट्टी की सोंधी महक, खेतों की हरियाली और बचपन की मीठी यादें हमेशा हमारे दिल में बसी रहती हैं। देहात की जिंदगी में एक अलग ही सुकून होता था, जहाँ हर दिन खेल, हँसी और अपनापन लेकर आता था। बच्चे दिनभर दोस्तों के साथ गिल्ली-डंडा, कंचे, लट्टू, कबड्डी, पिट्टू और छुपन-छुपाई जैसे खेल खेलते थे। ये खेल केवल समय बिताने का साधन नहीं थे, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का हिस्सा थे।
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